कालीमिर्च : मजबूती जारी रहने के आसार श्रीलंका से आयात जारी होने के बाद भी हाल ही में कालीमिर्च में थोड़ी तेजी आई है। यदि सब कुछ सामान्य रहा तो इस प्रमुख किराना जिंस की नई घरेलू फसल आगामी दिसम्बर महीने में शुरू होने का अनुमान है। अत: आगामी दिनों में हाजिर में कालीमिर्च मजबूत ही बनी रह सकती है। आप सुधि पाठकों को समय-समय पर कालीमिर्च की तेजी-मंदी के सम्बन्ध में नवीनतम जानकारियां मिलती रहती हैं और उन्हें इससे लाभ भी होता है। दक्षिण-पश्चिमी मानसून देश से लौट चुका है और उत्तर-दक्षिणी मानसून शुरू भी हो चुका है। हालांकि मानसून के इस दूसरे चरण के अंतर्गत अभी तक केरल में वर्षा नहीं हुई है। मौसम की इस स्थिति को कालीमिर्च की आने वाली फसल के लिए लाभदायक माना जा रहा है लेकिन व्यापारिक क्षेत्रों में आने वाली फसल 10-15 प्रतिशत कमजोर आने की आशंका भी जताई जा रही है। आमतौर पर केरल में कालीमिर्च की नई फसल आगामी दिसम्बर महीने या जनवरी, 2025 में शुरू होती है। अभी तक मिल रही सूचनाओं पर यदि विश्वास किया जाए तो फसल सामान्य से कमजोर आएगी। दूसरी ओर, हाल ही के वर्षों में केरल में कालीमिर्च के व्यापार में उल्लेखनीय बदलाव हुआ है। राज्य के कालीमिर्च किसान सीधे ही खपतकर्ता राज्यों को इस प्रमुख किराना जिंस की आपूर्ति कर रहे हैं। राज्य की कोच्चि समेत अन्य बड़ी मंड़ियों में इसकी आवक नगण्य ही बनी हुई है। हालांकि केरल के ग्रामीण तथा देहाती क्षेत्रों में न केवल नई फसल ही आ रही है बल्कि अन्य खपतकार राज्यों के लिए किसानों द्वारा वहीं से इसकी आपूर्ति के सौदे भी किए जा रहे हैं। केरल के देहातों में नई फसल की कीमत 450-500 रुपए पर खुलने के बाद अब 623-635 रुपए प्रति किलोग्राम पर बनी होने की सूचना मिल रही हैं। दूसरी ओर, बीते कुछ समय से केरल की कोच्चि समेत अन्य प्रमुख मंड़ियों में कालीमिर्च का थोक व्यापार सुस्त बना हुआ है। आवक भी नगण्य बताई जा रही है। इसका प्रमुख कारण यह है कि मंड़ियों में दिसावरों के लिए सौदों की संख्या भी काफी कम होने की सूचना आ रही है क्योंकि खरीददार सीधे किसानों से ही इसकी खरीद कर रहे हैं। यही वजह है कि कोच्चि में भी कालीमिर्च में सुस्ती बनी होने की रिपोर्ट मिली। पूर्व में रहे विपरीत मौसम और इसकी वजह से कर्नाटक और केरल जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों से कालीमिर्च की आपूर्ति सामान्य से तंग बनी हुई थी। आपूर्ति और उपलब्धता सामान्य से तंग होने और लिवाली बढ़ने यहां स्थित थोक किराना बाजार में कालीमिर्च मरकरा हाल ही में 5 रुपए और तेज होकर फिलहाल 715/720 रुपए प्रति किलोग्राम पर बनी हुई है। इससे पूर्व इसमें 10 रुपए की तेजी आई थी। कोच्चि में इसकी कीमत हाल ही में 10-15 रुपए मंदी होकर फिलहाल 625/645 रुपए प्रति किलोग्राम पर बनी हुई है। मसाला बोर्ड के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार हाल ही में समाप्त हुए वित्त वर्ष 2024-25 की अप्रैल-जुलाई अवधि में देश से कुल 296.55 करोड़ रुपए कीमत की 6575.71 टन कालीमिर्च का निर्यात हुआ है। एक वर्ष पूर्व की आलोच्य अवधि में इसकी 5362.85 टन मात्रा का निर्यात हुआ था और इससे 217.69 करोड़ रुपए की आय हुई थी। श्रीलंका के मालों की वजह से बाजार में सुस्ती बनी हुई है। आगामी दिनों में हाजिर में कालीमिर्च मजबूत ही बनी रह सकती है।

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